हनुमान वशीकरण विधान – Hanuman Vashikaran Vidhan

हनुमान वशीकरण विधान – Hanuman Vashikaran Vidhan

Hanuman Ji, The Art of Happiness Lifeआनंदमय जीवन की कला
हनुमान वशीकरण विधान – Hanuman Vashikaran Vidhan

बहुत पुरानी मान्यता है कि हनुमान जी की साधना स्त्रियां नहीं कर सकती। परंतु यह सत्य नहीं है। ज्ञानी-गुनीजनों का भी मानना है कि निरपेक्ष जिसे हम ईश्वर कहते हैं वह स्त्री-पुरूष में भेद नहीं करता । यद्यपि प्रकृति ने स्वयं ऐसी व्यवस्था कर दी है जिसमें स्त्री-पुरूष स्वयमेव एक दुसरे के प्रति आकर्षित होते हैं तथा परस्पर एक दूसरे के वश में होते हैं। स्थिति तब बिगड़ती है जब जो जोड़ा साथ रह रहा हो उनकी केमिस्ट्री मेल न खाए । ऐसे में प्राकृतिक नियम भी बेअसर हो जाते हैं ।

अतः जीवन साथी अथवा पेयस/पे्रयसी के संग सुचारू रूप से जीवन व्यतीत करने के लिए हनुमान जी की शरण में जाया जा सकता है । हनुमान चालीसा पाठ के अलावा अलग-अलग उद्देश्यों से अनेक शाबर मंत्र प्रचिलित हैं, जो देश में प्रचिलित अनेक लोक भाषाओं में अथवा मिश्रित भाषाओं में है । निम्नलिखित शाबर मंत्र का प्रयोग स्त्री-पुरूष कोई भी कर सकता है।

  • ऐ हनुमान राम का चेला
    उठा पहाड़ चल अलबेला
    उड़ उड़ उड़ विक्रम बजरंगी
    तोरे दास हम असल सतसंगी
    हं हं हं हं हनुमत
    बश में रहे अमुक नर/नारी
    अरज हमारी सुने जानकी दुलारा
    हुं हुं हुं
    कृपा करौं नाथ राम दोहाई !!!
  • विधि- यह वशीकरण उसी पर करें जिसे वास्तव में प्रेम करते हों। यदि वह रूठ कर कहीं चला गया हो, तलाक की स्थिति हो, आपकी शक्ल नहीं देखना चाहता/चाहती हो तो मंगलवार से प्रारंभ कर 21 दिन तक मंत्र का पाठ करें। इसके लिए किसी प्रकार के अनुष्ठान की आवश्यकता नही है। ह्नदय मे राम-वैदेही तथा हनुमान के प्रति भक्ति तथा साथी के प्रति प्रेम रखते हुए इस मंत्र के पाठ से हनुमान जी की कृपा मिलती है ।
    इस प्रयोग को बिगडे हुए पुत्रो को सही रास्ते पर लाने के लिए,स्त्री पुरूष परस्पर प्रेम बढाने के लिए कर सकते है ।।

– © पं० आदित्य धर द्विवेदी –

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