जीवन में असफलता का कारण और उसका निवारण क्या हैं ? – What is the reason for failure in life and its redress ?

जीवन में असफलता का कारण और उसका निवारण क्या हैं ? – What is the reason for failure in life and its redress ?

जीवन में असफलता का कारण और उसका निवारण क्या हैं ? : jeevan me asaflata ka karan aur usaka nivaran kya hai ?

प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कभी – कभी बहुत निराश हो जाता है । ऐसा तब होता जब हम प्रयत्न तो बहुत करते है, लेकिन असफल हो जाते हैं । हम समझते है कि भगवान हमसे भेदभाव करता है तथा अपनी असफलता के लिए दूसरों पर दोष लगाने लगता है ( Every person in his life is sometimes very disappointed. This happens when we try so much, but fail. ) । लेकिन हम भूल जाते है कि इस जगत या संसार में असफल होने के कुछ कारण हो सकते हैं । लेकिन यह सत्य है की कोई कार्य इस संसार में अकारण नहीं होता है । अर्थात असफलता के पीछे कुछ कारण जरूर होता है ।

=> व्यक्ति के जीवन में असफल होने के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं ( Failure of a person’s life can be the following. ) –
  • गलत लक्ष्य का चुनाव ( Choice of wrong goal ) : – व्यक्ति जब अपनी क्षमता व सामर्थ्य को पहचाने बिना कोई कार्य करता है तो वह असफलता को प्राप्त करता है । उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति को डाक्टर बनने की इच्छा या क्षमता है और वह अन्य किसी के दबाव में इन्जनिरिंग पढ़ने लगता है तो न केवल असफल इंजीनियर बनेगा, बल्कि वह अपने लक्ष्य से भी हाथ धो बैठेगा ।
  • नकारात्मक विचार ( Negative thoughts ) : – जीवन में सफल न होने का यह प्रमुख कारण है । किसी कार्य को करने से पहले हम सोचते है कि ये कार्य हमसे हो पायेगा या नहीं । या बहुत से व्यक्ति यह भी सोचते हैं कि हमारे जीवन में हमेशा बुरा ही होता है । इस तरह की सोच रखने वाले व्यक्ति अपने आप के योग्यताओं का मूल्यांकन नहीं कर पाते और वह निराशा के गड्ढे में गिर जाते हैं । यह सोच, व्यक्ति को असफलता के रास्ते पर ले जाता है ।
  • कर्मफल सोच करके कार्य को करना ( कर्मफल में आसक्ति ) ।
  • अंतिम समय तक संघर्ष न करना । ( Do not struggle till the last time. )
  • तन, मन और धन शक्तियों का परस्पर मेल न होना । ( Body, mind and money powers do not have a mutual match. )
  • स्वार्थ की भावना का होना । ( Feeling of selfishness. )
  • अहंकार होना । ( Be ego. )
  • मन में लोभ की भावना । ( Feeling of greed in the mind. )
  • मोह की भावना इत्यादि । ( Feeling of temptation etc. )
=> जीवन में सफल होने के लिए निम्नलिखित उपाय हैं –
  • व्यक्ति को अपनी मौलिकता, क्षमता व सामर्थ्य के आधार पर सही दिशा में कार्य करना चहिए । ( The person should work in the right direction on the basis of his originality, capacity and ability. )
  • तकनीकों का उपयोग करना चाहिए । ( Techniques should be used. )
  • कार्य को निःस्वार्थ भाव एवं विनम्रता से करना चाहिए । ( Work should be done with selfless sense and humility. )
  • सकारात्मक सोच रखना चाहिए । ( Positive thinking should be kept. )
  • अंतिम क्षण तक संघर्ष करना चाहिए । ( Should fight till last moment. )
  • आत्मविश्वास बनाये रखना चाहिए । ( Have confidence. )
  • व्यक्ति को सदैव ईश्वर में आस्था रखनी चाहिए । ( The person should always have a faith in God. )
  • आध्यात्मिक उपायों जैसे- जप, तप, उपासना करना चाहिए । इससे हमें ऊर्जा और आत्मबल मिलता है ।
  • अहंकार की भावन नहीं होनी चाहिए । ( There should not be an ego feeling. )
  • तन, मन और धन शक्तियों का उपयोग एक निश्चित दिशा में करना चाहिए । ( Body, mind and money powers should be used in a certain direction. )
  • ऐसे टी वी प्रोग्राम तथा पुस्तक को देखना व पढ़ना चाहिए जो हमारे कार्य में सहायक हो । ( You should see and read TV programs and books which are helpful in our work. )
  • ऐसे व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए जो नकारात्मक विचार रखते हो । ( Stay away from such people who have negative thoughts. )

– © Anmol Gyan India –

About the author

AnmolGyan.com best Hindi website for Hindi Quotes ( हिंदी उद्धरण ) /Hindi Statements, English Quotes ( अंग्रेजी उद्धरण ), Anmol Jeevan Gyan/Anmol Vachan, Suvichar Gyan ( Good sense knowledge ), Spiritual Reality ( आध्यात्मिक वास्तविकता ), Aarti Collection( आरती संग्रह / Aarti Sangrah ), Biography ( जीवनी ), Desh Bhakti Kavita( देश भक्ति कविता ), Desh Bhakti Geet ( देश भक्ति गीत ), Ghazals in Hindi ( ग़ज़ल हिन्दी में ), Our Culture ( हमारी संस्कृति ), Art of Happiness Life ( आनंदमय जीवन की कला ), Personality Development Articles ( व्यक्तित्व विकास लेख ), Hindi and English poems ( हिंदी और अंग्रेजी कवितायेँ ) and more …

3 Comments

  1. I must express my thanks to the writer just for bailing me out of such
    a problem. Because of surfing around through
    the internet and finding basics which are not beneficial, I thought my life was
    well over. Living devoid of the solutions to the difficulties you have resolved through
    your main write-up is a serious case, as well as ones that might have in a wrong way affected my career if I had not come across
    your web page. Your primary natural talent
    and kindness in playing with everything was helpful.
    I’m not sure what I would have done if I hadn’t encountered such a point like this.

    I can also now relish my future. Thanks for your time so much for this
    professional and sensible help. I will not be
    reluctant to propose your blog post to any person who wants
    and needs direction about this situation.

  2. Pankaj Kumar Bharti

    Sach he jiiiiiiiii

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *