रक्षा बंधन का त्यौहार – Festival of Raksha Bandhan

रक्षा बंधन का त्यौहार – Festival of Raksha Bandhan

Raksha Bandhan Ka TyoharThe Art of Happiness Life
रक्षाबंधन का त्यौहार : Raksha Bandhan Ka Tyohar
शुभ समय और दिनांक : Good time and date


=> हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जाता है ।
=> इस वर्ष रक्षा बंधन का त्यौहार 15 अगस्त 2019 को समय सुबह 05:40 से शाम 11:51 बजे के बीच शुभ रहेगा
( This year the festival of Raksha Bandhan will be auspicious between 15/08/2019 and 05:40 AM to 11:51 AM ) ।

Raksha Bandhan Poems in Hindi : रक्षा बंधन पर कविताएँ –

  • जाति-धर्म के तोड़ता बंधन, फिर भी सबको है भाता।
    कांटे भी खिलते फूलों से, जब रक्षाबंधन है आता।।
    प्राणवायु नहीं दिखती फिर भी, जीवन उसी से है चलता।
    बहन हो कितने दूर भी, फिर भी राज उसी का है चलता।।

हमारा भारत वर्ष व्रत, त्योहार, उत्सवों की धरती है । मनुष्य के आपसी संबंधों जैसे – स्नेह, प्यार, कर्तव्य और अटूट विश्वास को बनाये रखने के लिए व्रत एवं त्योहार मनाये जाते हैं ( Fasting and festivals are celebrated to maintain mutual relations of man, such as affection, love, duty and unwavering faith ) । रक्षा बंधन एक ऐसा ही त्योहार है जो बहन – भाई का एक – दूसरे के प्रति स्नेह, प्यार और विश्वास का प्रतीक है । इस दिन बहन, भाई की दाहिने कलाई पर राखी बाँधती और उसके माथे पर तिलक लगाती है तथा उसकी दीर्घायु के लिए ईश्वर से कामना करती है और भाई अपनी बहन की रक्षा करने की प्रतिज्ञा का अमूल्य उपहार देता है ।

सूरदास द्वारा रचित रक्षाबंधन पर कुछ पक्तियॉं : –

  • राखी बांधत जसोदा मैया ।
    विविध सिंगार किये पटभूषण, पुनि पुनि लेत बलैया ॥
    हाथन लीये थार मुदित मन, कुमकुम अक्षत मांझ धरैया।
    तिलक करत आरती उतारत अति हरख हरख मन भैया ॥
    बदन चूमि चुचकारत अतिहि भरि भरि धरे पकवान मिठैया ।
    नाना भांत भोग आगे धर, कहत लेहु दोउ मैया॥
    नरनारी सब आय मिली तहां निरखत नंद ललैया ।
    सूरदास गिरिधर चिर जीयो गोकुल बजत बधैया ॥

रक्षाबंधन का त्योहार केवल भाई – बहन के लिए नहीं बल्कि आपसी रिश्तों में प्रेम, व्यवहार, मित्रता और विश्वास बनाये रखने के लिए भी मनाया जाता है ( The festival of Raksha Bandhan is celebrated not only for brother and sister but also for maintaining love, behavior, friendship and faith in mutual relationships. ) ।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है ? ( Why is Rakshabandhan celebrated ? ) : –

रक्षाबंधन त्योहार का ऐतिहासिक महत्व भी है ( Rakshabandhan festival also has historical significance. ) । मध्य काल में, गुजरात के शासक बहादुरशाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया था । चित्तौड़ की महारानी कर्मवती उस समय असहाय हो गयी थी । महारानी कर्मवती अपनी और अपने राज्य की सुरक्षा करने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था ( Empress Karmavati was not getting any way to protect herself and her state. ) । तब महारानी ने अपनी और अपने राज्य की सुरक्षा करने के लिए हुमायूँ के पास रक्षाबंधन का सूत्र भेजा और हुमायूँ से अपनी रक्षा के लिए प्रार्थना की । हुमायूँ , महारानी कर्मवती से बहुत प्रभावित हुआ ( Humayun, Empress is very impressed with Karmavati. ) । हुमायूँ राखी के सूत्र का बड़ा सम्मान किया और वह महारानी कर्मवती की रक्षा के लिए बड़ी सेना लेकर चित्तौड़ पहुँच गया और उनकी रक्षा किया ।

इस प्रकार रक्षा बंधन का त्योहार प्राचीन काल से पूरे भारत वर्ष में बहुत खुशी तथा प्रेमपूर्वक प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है । रक्षा बंधन का त्योहार केवल हिन्दुओं के लिए नहीं बल्कि अन्य जाति, धर्म के लोग भी प्रेमपूर्वक मनाते हैं ( The festival of Raksha Bandhan is celebrated not only for Hindus but also for people of other caste, religion. ) ।

– © Ashok Maurya –

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