सावन शिवरात्रि का महत्व – Importance of Savan Shivratri

सावन शिवरात्रि का महत्व – Importance of Savan Shivratri

Kanwar Yatra Savan Shivratri Anmol Gyanआनन्दमय जीवन की कला
सावन शिवरात्रि का महत्व हिंदी में
Importance of Savan Shivratri in Hindi

सावन (श्रावण) की शिवरात्रि इस वर्ष 30 जुलाई, 2019 (30th of July) को मनाई जाएगी।
सावन (श्रावण) की शिवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण होती हैं तथा भगवान शिव (Lord Shiva) जी की पूजा का श्रेष्ठ महीना होता हैं। लेकिन सावन (श्रावण) महीने की शिवरात्रि तथा फाल्गुन महीने की महाशिवरात्रि बहुत फलदायी मानी जाती हैं।
सभी शिव भक्तों को सावन महीने में आने वाले शिवरात्रि (Shivratri) का बहुत इंतज़ार होता हैं। सावन(श्रावण) महीने की शिवरात्रि का महत्त्व इसलिए हैं क्योंकि इस महीने में शिव जी का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करना बहुत पुण्यकारी होता हैं।
कहा जाता हैं कि इस महीने की शिवरात्रि के दिन जो भक्त सच्चे मन से भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा करते हैं उनके समस्त दुखो तथा कष्टों (All sorrow and pain) का निवारण (Prevention) हो जाता हैं तथा रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव (Lord Shiva) उसके सभी पापों (All sins) का नाश कर देते हैं।

सावन के चार सोमवार व्रत की तिथियां : Four Monday fast dates of Savan (Shravan)

  • 22 जुलाई, 2019 को पहला सोमवार। First Monday, July 22, 2019
  • 29 जुलाई, 2019 को दूसरा सोमवार। 2nd Monday, July 29, 2019
  • 5 अगस्त, 2019 को तीसरा सोमवार और, 3rd Monday, August 5, 2019
  • 12 अगस्त, 2019 को चौथा सोमवार। (The fourth Monday on August 12, 2019.) यह आखिरी सोमवार है।

15 अगस्त को सावन का आखिरी दिन है। On the 15th of August is Savan’s last day.

व्रत और पूजा विधि : Fasting and worship method

  • प्रात: सूर्य उदय होने से पहले जागें तथा शौच आदि से निवृत्त होने के बाद स्नान करें।
    Wake up before sun rise.
  • पूजा करने के स्थान को साफ करके वेदी स्थापित करें।
    Clean the place of worship and set up the altar.
  • मंदिर में जाकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग पर दूध चढ़ाएँ।
    Go to the temple and offer milk on Lord Shiva’s Jyotirlinga.
  • अपनी पूरी श्रद्धा – विश्वास के साथ भगवान शिव के व्रत का संकल्प करे।
  • सुबह तथा सायं को भगवान शिव की पूजा करें।
    Worship Lord Shiva in the morning and evening.
  • पूजा के लिए तिल के तेल का दीया जलाएँ और शिव जी को पुष्प चढ़ाएँ।
  • मंत्र पढ़ने के साथ – साथ भगवान शिव को सुपारी, पंच अमृत, नारियल और बेल की पत्तियाँ चढ़ाएँ।
  • व्रत के दौरान सावन व्रत कथा का पाठ जरूर करें।
    Must read the story of Sawan fast during the fast.
  • पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद का वितरण करें।
    Distribute the prasad after the end of the pooja.
  • संध्याकाल में पूजा समाप्ति के बाद सामान्य भोजन करें।
    In the evenings, eat normal food after the end of the worship.

मंत्र : Mantra

  • ॐ नमः शिवाय।
    Om Namah Shiwaya.
  • 12 Jyotirling Shiv

    काँवर यात्रा : Kanwar Yatra

    सावन (Sawan) के पावन मास में भगवान् शिव भक्तों के द्वारा काँवर(Kanwar Yatra) यात्रा निकाला जाता है। काँवर यात्रा के समय लाखों शिव भक्त देवभूमि उत्तराखंड में स्थित शिवनगरी हरिद्वार और गंगोत्री धाम की यात्रा करते हैं। शिव भक्त इन तीर्थ स्थलों से गंगा जल से भरी काँवड़ को पैदल नाचते – गाते लाते हैं तथा बाद में वही गंगा जल भगवान् शिव के ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाया जाता है।

    – अनमोल ज्ञान इंडिया –

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