Makar Sankranti Kyon Manae Jati Hai ? – मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है ?
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व जनवरी महीने में मनाया जाता है। (The festival of Makar Sankranti is celebrated in the month of January.) मकर संक्रांति या खिचड़ी को पूरे भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य भगवान की विशेष रूप से पूजा और आराधना की जाती है। (Makar Sankranti, also known as Khichdi, is celebrated in different ways across India. On the day of Makar Sankranti, the Sun God is especially worshipped and revered.) इसके अलावा लोग भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं। लोहड़ी के एक दिन बाद खिचड़ी (खिचड़ी का भोग) या मकर संक्रांति मनाई जाती है। इस दिन खिचड़ी का भोग लगाया जाता है इसलिए इसे खिचड़ी भी कहते है । मकर संक्रांति के दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान करते है और सूर्य देव की उपासना कर दान-पुण्य करते हैं। एक वर्ष में 12 संक्रांति पड़ती हैं लेकिन इन सभी संक्रांति में मकर संक्रांति तथा मीन संक्रांति को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। (There are 12 Sankrantis in a year, but among all of them, Makar Sankranti and Meena Sankranti are considered the most important.)
मकर संक्रांति के दिन गुड़, तिल, रेवड़ी का प्रसाद बांटा जाता है। (On Makar Sankranti, jaggery, sesame seeds, and revadi (a type of sweet) are distributed as प्रसाद (prasad).) इस त्यौहार के दिन प्रकृति के कारक सूर्य भगवान की पूजा की जाती है, जिन्हें शास्त्रों के अनुसार भौतिक तथा अभौतिक तत्वों की आत्मा कहा गया है। (On this festival day, the sun god, a force of nature, is worshipped, who, according to the scriptures, is considered the soul of both material and immaterial elements.) भगवान सूर्य के स्थिति के अनुसार ऋतुएँ बदलती हैं तथा पृथ्वी से हमें खाने के लिए अन्न मिलता है, जिससे मानव और जीवो का भरण-पोषण होता है। इस त्योहार को मनाने का सबसे बड़ा कारण यह है कि इस समय नई फसलें काटी जाती हैं तथा किसानों के घर अनाज से भर जाते हैं। इसी खुशी में हम लोग भोजन की पूजा करते हैं तथा अच्छे-अच्छे खाना बनाकर खाते हैं। मकर संक्रांति का त्यौहार गर्मियों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
मकर संक्रांति का अर्थ : Meaning of Makar Sankranti –
‘संक्रान्ति’ का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना। (‘Sankranti’ means the movement of the sun from one zodiac sign to another.) अत: वह राशि जिसमें सूर्य प्रवेश करता है, संक्रान्ति की संज्ञा से विख्यात है। प्रत्येक संक्रान्ति पवित्र दिन के रूप में ग्राह्य है। “मकर संक्रांति” का हिंदू धर्म में बहुत खास महत्व मन जाता है यह त्योहार तब मनाया जाता है, जब सूर्य भगवान मकर राशि में प्रवेश करते है। आसान भाषा में कहें तो प्रत्येक वर्ष सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। जनवरी महीने में मकर संक्रांति का त्योहार 14 या 15 तारीख को पड़ता है। (The festival of Makar Sankranti falls on the 14th or 15th of January.)
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है ? : Why is Makar Sankranti celebrated? –
जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे सूर्य का संक्रमण काल कहा जाता है। (When the Sun moves from Sagittarius to Capricorn, this is called the Sun’s transit period.) इस दिन को ही मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। हिंदू धर्म शास्त्रों में निहित कथाओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिल गई थी। (According to the narratives contained in Hindu scriptures, it was on the day of Makar Sankranti that the river Ganges followed Bhagiratha, passing through the ashram of sage Kapila, and finally merged with the ocean.)
मकर संक्रांति की पूजा विधि : –
इस दिन ब्राह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी या जल में तिल मिलाकर स्नान करते है। (On this day, people wake up during the Brahma Muhurta (auspicious time before sunrise) and bathe in a holy river or body of water, adding sesame seeds to the water.) स्नान के बाद नए या साफ सुथरा कपड़े धारण करते है। पूर्व दिशा की ओर मुख करके तांबे के लोटे में जल, लाल फूल तथा अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देते है और सूर्य मंत्र का जाप करते है। (ॐ सूर्याय नमः) मकर संक्रांति के दिन तिल-गुड़ से बने लड्डू, खिचड़ी तथा मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। यथासंभव तिल, उड़द, गुड़, चावल, कंबल, वस्त्र तथा अन्न का दान गरीबों को करें । भारत के विभिन्न हिस्सों में यह त्योहार अलग-अलग नामों तथा रीति-रिवाजों से मनाया जाता है (This festival is celebrated in different parts of India with different names and customs.) –
- उत्तर भारत – खिचड़ी पर्व : (North India – Khichdi Festival)
- गुजरात – उत्तरायण (पतंग उत्सव) : (Gujarat – Uttarayan (Kite Festival))
- तमिलनाडु – पोंगल : Tamil Nadu – Pongal
- पंजाब – लोहड़ी : (Punjab – Lohri)।
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Makar Sankranti Kyon Manae Jati Hai