नाग पंचमी क्यों मनाते हैं

Nag Panchami ka Tyohar in Hindi : नाग पंचमी क्यों मनाते हैं ?

नाग पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है (Nag Panchami is a major Hindu festival.)। हिन्दू धर्म के अनुसार श्रावण मास (सावन का महीना) के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है (According to Hinduism, Nag Panchami is celebrated on the fifth day of the bright fortnight (Shukla Paksha) of the month of Shravan (Sawan).)। इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त, दिन सोमवार को मनाई जाएगी (This year, Nag Panchami will be celebrated on Monday, August 17.)।
हिन्दू धर्म में नाग को देवता का रूप माना जाता है (In Hinduism, the serpent is regarded as a form of deity.)। इसलिए नाग पंचमी के दिन नाग (Snake) देवता की पूजा की जाती है तथा उन्हें दूध (Milk) से स्नान करने की परंपरा है और कही – कही नाग अर्थात सर्प को दूध (Milk) भी पिलाते है।

ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति नाग की पूजा (Snake worship) करते हैं उन्हें नाग कभी कोई हानि नहीं पहुंचाते है, और व्यक्ति का घर हमेशा धन- सम्पदा से भरा रहता है।
पुराणों के अनुसार नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से भगवान शिव (Lord Shiva) मनोकामना पूर्ण करते हैं।
नाग पंचमी के पावन पर्व पर वाराणसी (Varanasi) में नाग कुआँ नामक स्थान पर बहुत बड़ा मेला (fair) लगता है। और गांव व कस्बों में कुश्ती का आयोजन भी होता है।

Anmolgyan Lord Shiva, ॐ नमः शिवाय

दिन और तिथि : Day and date –

17 अगस्त (सोमवार), 2026 : August 17 (Monday), 2026

नाग पंचमी के दिन पूजा की विधि : Method of worship on the day of Nag Panchami

  • नाग पंचमी के दिन अपने घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर गाय के गोबर से सर्पों की आकृति बनाये तथा धूप, पुष्प आदि से इसकी पूजा करे। : On the day of Nag Panchami, draw images of serpents using cow dung on both sides of your home’s main entrance and worship them with incense, flowers, and other offerings.
  • इस दिन सर्प के बारह नाम – बासुकि, शंख, अनंत, पिंगल, पद्म, तक्षक, कालिया, ॐ शंखपाल, अश्वतर, घृतराष्ट्र, कम्बल और कर्कोटक का स्मरण करना चाहिए। : On this day, one should remember the twelve names of the serpent: Vasuki, Shankha, Ananta, Pingala, Padma, Takshaka, Kaliya, Shankhapala, Ashvatara, Dhritarashtra, Kambala, and Karkotaka.
  • इसके बाद इन्द्राणी देवी की पूजा, आराधना करनी चाहिए। : After this, one should worship and offer prayers to Indrani Devi.
  • गरीब ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद स्वयं भोजन करना चाहिए। : One should eat only after feeding poor Brahmins.
  • इस दिन पहले मीठा भोजन फिर उसके बाद अपनी पसंद के अनुसार भोजन करना चाहिए। : On this day, one should first consume a sweet dish and then eat a meal of one’s choice.
  • यथा संभव द्रव्य दान करना चाहिए। : One should donate money as much as possible.

हिन्दू संस्कृति (Hindu culture) ने पशु-पक्षियों तथा वन-वनस्पति (Animals and wildlife) सबके साथ आत्मीय संबंध जोड़ने का प्रयत्न किया है।

– अनमोल ज्ञान इंडिया –

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